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Old Himachal vs New Himachal: इतिहास, ज़िले और सांस्कृतिक अंतर

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15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ उस समय भारत में लगभग 565 रियासतें जिन्हें भारत में मिलाया गया और भारत के अलग अलग राज्य बने। हिमाचल प्रदेश की भी 30 रियासतों का 15 अप्रैल 1948 को भारत विलय किया गया। इन 30 रियासतों से 4 जिले बने जिनके नाम

  • चंबा
  • मंडी
  • सिरमौर
  • महासू – (महासू से बाद में शिमला और सोलन 2 जिले बने

नोट :- महासू शब्द महाशिव का बदला हुआ स्वरूप है स्थानीय पहाड़ी बोली में समय के साथ महाशिव शब्द बदलकर महासू हो गया। इस क्षेत्र में महासू देवता को न्याय का देवता और पूरे इलाके का कुलदेवता माना जाता है। उन्हीं के नाम पर इस पूरे क्षेत्र का नाम महासू पड़ा था।

बाद में इसमें दो और ज़िले जुड़े

  • बिलासपुर : 1 जुलाई 1954 को 5वें ज़िले के रूप में शामिल हुआ।
  • किन्नौर : 1 मई 1960 को महासू से अलग होकर 6ठा ज़िला बना।

शुरू के इन 6 जिलों को ही ओल्ड (पुराना) हिमाचल कहा जाता है।

1953 में शुरू हुआ राज्यों को भाषाई आधार पर बदलने का दौर

आज़ादी के समय भारत में राज्य भाषाओं के आधार पर नहीं, बल्कि रियासतों के हिसाब से ‘Part A, B, C, D’ जैसी श्रेणियों में बांटे गए थे। आज़ादी के बाद सबसे पहला भाषाई आंदोलन मद्रास प्रेसीडेंसी के तेलुगु भाषी लोगों ने शुरू किया। वे तमिल भाषी बहुमत वाले क्षेत्र से अलग अपना अलग राज्य चाहते थे।

स्वतंत्रता सेनानी पोट्टी श्रीरामुलु ने अलग तेलुगु राज्य की मांग को लेकर 58 दिनों का आमरण अनशन किया जिससे उनकी मृत्यु हो गई और उस पुरे क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी।

जन-आक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को तुरंत घोषणा करनी पड़ी और 1 अक्टूबर 1953 को भारत का पहला भाषाई राज्य ‘आंध्र प्रदेश’ बनाया गया। और इसके बाद शुरू हुआ राज्यों को भाषाई आधार पर बदलने का दौर। इसके बाद और कई राज्य अस्तित्व में आये।

सनराज्यभाषा
1953आंध्र प्रदेशतेलुगु
1956तमिलनाडुतमिल
1956केरलमल्यालम
1956कर्नाटककन्नड़
1960गुजरातगुजराती
1960महाराष्ट्रमराठी

इसी ऐतिहासिक सिलसिले और भाषाई सिद्धांतों की वजह से आगे चलकर 1966 में पंजाब का भी पुनर्गठन करना पड़ा था।

नया हिमाचल (New Himachal) क्या है

15 अप्रैल 1948 में बना हिमाचल प्रदेश क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से काफी छोटा था। कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, लाहुल-स्पीति, अंबाला के पहाड़ी क्षेत्र और होशियारपुर का कुछ हिस्सा उस समय पंजाब का भाग थे और ये एक केंद्र शासित प्रदेश (UT) था।

डॉक्टर यशवंत सिंह परमार जी ये मानते थे कि भाषा, संस्कृति और रहन-सहन के आधार पर सभी पहाड़ी क्षेत्रों को हिमाचल के साथ होना चाहिए उन्होंने विशाल हिमाचल का नारा दिया।

1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ जिससे हरियाणा राज्य बनाया गया और हिमाचल में नए क्षेत्र मिलाए गए। 1966 से पहले पंजाब का पुनर्गठन नहीं हुआ था और पंजाब के पहाड़ी क्षेत्र (जैसे कांगड़ा, कुल्लू, शिमला आदि) पंजाब राज्य का हिस्सा हुआ करते थे।

1 नवंबर 1966 को ‘पंजाब पुनर्गठन अधिनियम’ के तहत पंजाब के पहाड़ी इलाकों को काटकर हिमाचल प्रदेश में मिला दिया गया। इस 1966 के विलय के बाद जो नए क्षेत्र हिमाचल में जुड़े, उन्हें नया हिमाचल (New Himachal) कहा जाता है।

नए हिमाचल में शामिल ज़िले

  • कांगड़ा
  • कुल्लू
  • लाहौल और स्पीति
  • शिमला का निचला हिस्सा
  • नालागढ़
  • ऊना
  • हमीरपुर (जो उस समय कांगड़ा का ही हिस्सा थे)

इस प्रकार हिमाचल का क्षेत्रफल और जनसँख्या दोनों ही लगभग दोगुनी हो गई। क्षेत्रफल 27,018 वर्ग किमी से बढ़कर 55,673 वर्ग किमी हो गया।

25 जनवरी 1971 को भारत को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया

25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया ये भारत का 18वाँ राज्य बना और डॉ. यशवंत सिंह परमार इसके पहले मुख्यमंत्री बने

Old Himachal vs New Himachal में अंतर

पहलूपुराना हिमाचलनया हिमाचल
गठन का समय15 अप्रैल 1948 से 1960 तक1 नवंबर 1966 के बाद
शामिल प्रमुख ज़िलेसिरमौर, चंबा, मंडी, बिलासपुर, किन्नौर, सोलनकांगड़ा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, शिमला
हिस्सापहाड़ी रियासतों का हिस्सा थापंजाब प्रांत का हिस्सा था
प्रमुख बोलियाँमहासुई, मंडेयाली, सिरमौरी, चंबयाली, किन्नौरीकांगड़ी, कुल्लवी, भोटी
खान-पानसिड्डू, पातड़े, अस्करी, मदराधाम , बबरू, भल्ले

कांगड़ा पुराना हिमाचल है या नया हिमाचल?

कांगड़ा नया हिमाचल का हिस्सा है। इसे 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग करके हिमाचल प्रदेश में शामिल किया गया था।

हिमाचल दिवस कब मनाया जाता है?

हिमाचल दिवस हर साल 15 अप्रैल को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1948 में पुराने हिमाचल का गठन हुआ था।

हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?

हिमाचल प्रदेश को 25 जनवरी 1971 को भारत का 18वाँ पूर्ण राज्य घोषित किया गया था।

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