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हिमाचल प्रदेश के दर्शनीय स्थल- खासियत -अधभुत इतिहास- बर्तमान

Dharamshala_Cricket_Stadium
Dharamshala_Cricket_Stadium

हिमाचल प्रदेश की देव भूमि के नाम से भी जाना जाता है। हिमाचल भारत का वो हिस्सा है जहाँ पर हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ जरूर हैं।

यहाँ पर कुछ स्थान तो ऐसे हैं जिनके बारे में कई लोगों को पता ही नहीं है। यहाँ का मौसम काफी शानदार रहता है जो पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है।

गर्मियों में भी यहाँ का मौसम लुभावना रहता है और शर्दियों में हिमाचल के कुछ इलाके पूरी तरह से वर्फ से ढक जाते हैं। यहाँ पर कुछ ऐसे शहर भी हैं जो अंग्रेजो के द्वारा बसाये गए हैं।

उन जगहों पर अंग्रेजो का आर्किटेक्चर आज भी देखने को मिल जाता है। पांडवो ने यहाँ पर अपना बनबास काटा था तो उनके द्वारा बनाये गए काफी मंदिर और ऐतिहासिक इमारतें यहाँ पर मिल जाएंगी। हिमाचल प्रदेश के कुछ दर्शनीय स्थल इस प्रकार हैं।

शिमला-हिमाचल प्रदेश का दर्शनीय स्थल

शिमला हिमाचल प्रदेश की राजधानी है। इसे हिल क्वीन(पहाड़ो की रानी) के नाम से जाना जाता है। शिमला 1864 से 1911 एक भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी था।

शिमला अंग्रेजो के द्वारा बसाया गया शहर है। भारत में ब्रिटिश राज के दौरान अंग्रेजो का भारत के गर्म मौसम में रहना मुश्किल हो गया था इसलिए अंग्रेजो ने गर्मी से बचने के लिए हिमालय में घर बनाने शुरू किये।

हिमाचल प्रदेश के दर्शनीय स्थल- खासियत -अधभुत इतिहास- बर्तमान
Shimla Himachal pradesh

अंग्रेजो ने भारत में कई शहरों का निर्माण करवाया जिनमे से शिमला भी एक है। शिमला की वास्तुकला(architecture) भी हमें अंग्रेजो की याद दिलाती है। शिमला को अंग्रेजो की ग्रीष्मकालीन राजधानी(summer capital ) भी माना जाता था।

यहाँ के वाइस रीगल लाज को आज राष्ट्रपति निवास के नाम से जाना जाता है। शिमला की संस्कृति में भी आज तक अंग्रेजो का प्रभाव देखने को मिलता है। भारत में सबसे अच्छी तरह से क्रिसमस शिमला में ही मनाया जाता है।

  • शिमला में बानर्स कोर्ट, गार्टन कैसल, कैनेडी हाऊस, वाइस रीगल लाज, भारतीय अध्ययन संस्थान जैसे दर्शनीय स्थल हैं।
  • शिमला से 2 किमी. दूर जाखू पहाड़ी पर हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है।
  • समर हिल में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, प्रास्पेक्ट हिल में कामना देवी का मंदिर है।
  • शिमला में स्टेट म्यूजियम, इंदिरा गांधी होल परिसर, रिज पर क्राइस्ट चर्च है।
  • चैडविक फाल, ग्लेन जैसे दर्शनीय स्थल भी शिमला में हैं।

धर्मशाला -हिमाचल प्रदेश का दर्शनीय स्थल

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Cricket stadium Dharamshala

धर्मशाला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का मुख्यालय है। यह बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा का अस्थाई मुख्यालय है। धर्मशाला को छोटा तिब्बत या छोटा ल्हासा के नाम में भी जाना जाता है।

वार मेमोरियल, सेंट जेन्स चर्च, अंतरास्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला में है। यहाँ पर मैक्लोडगंज और बोध मंदिर भी दर्शनीय स्थल हैं।

मनाली – मनाली में फेमस क्या है?

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Hadimba_temple_manali

यह कुल्लू जिले में स्थित है। मनाली को मनु का जन्म स्थान भी माना जाता है। कहा जाता है जब पूरी दुनिया जलमय हो गई थी तो मनु ही जीवित बचे थे

और उन्होंने यहीं से फिर से मनुष्य की रचना की थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यह स्थान बहुत प्रिय था। हिडिम्बा मंदिर, वशिष्ठ कुण्ड, मणिकरण, ओल्ड मनाली, सोलंग नाला, मनु मंदिर,अर्जुन गुफा, नेहरू कुण्ड़ मनाली में स्थित है। पर्वतारोहण के लिए भी मनाली प्रसिद्ध है।

डलहौजी -हिमाचल प्रदेश का दर्शनीय स्थल

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डलहौजी चम्बा जिले में स्थित है। इसे अंग्रेजो के द्वारा 1854 में बसाया गया था और वायसराय लॉर्ड डलहौजी ने इसका नाम अपने नाम पर रखा था।

अंग्रेज लोग यहाँ पर गर्मी की छुट्टियाँ मनाने आते थे। यहाँ पर 1853 में निर्मित सेंट जोन चर्च है। (हिमाचल प्रदेश का सबसे पुराना चर्च) डलहौजी धौलाधार पर्वत श्रृंखला के बाह्य भाग में स्थित है। इसकी समुद्र तल से ऊँचाई 2,039 मीटर है।

खजियार -हिमाचल प्रदेश का दर्शनीय स्थल

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Khajjiar_Chamba

खजियार चम्बा जिले में स्थित है। इसे हिमाचल प्रदेश का मिनी स्विट्जरलैण्ड भी कहा जाता है। इसे यह नाम पी.ब्लेजर(स्विस राजदूत) ने 7 जुलाई, 1992 को दिया।

यह दुनिया में 160वीं पर्यटक स्थल था, जिसे मिनी स्विट्जरलैंड का नाम दिया गया। ये डलहौजी से लगभग 24 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।

चायल(चैल) -हिमाचल प्रदेश का दर्शनीय स्थल

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यह सोलन जिले में स्थित है। यह पटियाला रियासत के राजा भूपिन्द्र सिंह की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी। यहाँ पर दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट मैदान है। यहाँ पर घूमने के प्रमुख जगह हैं काली टिब्बा, क्रिकेट ग्राउंड, पैलेस चायल और हनुमान मंदिर।

कुफरी -हिमाचल प्रदेश का दर्शनीय स्थल

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यह स्थान शिमला से 16 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह यहाँ का सबसे छोटा पहाड़ी स्टेशन हैं। यहाँ पर केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान है। यहाँ स्कीइंग की प्रतियोगिता भी होती है। और पर फन पार्क भी हैं।

सराहन -हिमाचल प्रदेश का दर्शनीय स्थल

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यह बुशहर रियासत की राजधानी थी। यहाँ भीमकाली का प्रसिद्ध मंदिर है जो देवी की 51 शक्तिपीठों में से के है और लगभग 2000 साल पुराना है। ये हिन्दू और बौद्ध आर्चिटेक्टर का एक शानदार नमूना है। यहाँ पर साईं द्वारा इंडियन हाई एलटीच्यूड प्रशिक्षण केंद्र है।

नाहन

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1621 में कर्मप्रकाश ने नाहन शहर की स्थापना की। यहाँ के स्थानीय लोगो के अनुसार ,नाहन नाम एक संत के नाम पर पड़ा है जो यहां एक शेर (नाहर) के साथ रहा करते थे। यह सिरमौर जिले का मुख्यालय है। यहाँ पर लिटन मेमोरियल, शीशमहल, मोतीमहल, रानीताल बाग आदि दर्शनीय स्थान हैं।

पाँटा साहिब

-यह सिरमौर जिले में यमुना नदी के किनारे बसा हुआ हैं। यहाँ गुरु गोविंद सिंह का प्रसिद्ध गुरुद्वारा है। गुरूद्वारे में श्रद्धालुओं के द्वारा दान की गई सोने की पालकी है। श्री तालाब अस्थान और श्री दस्तार अस्थान सिख यहाँ के महत्वपूर्ण स्थान हैं

कसौली

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Kashauli

सोलन जिले में स्थित यह स्थान ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण है। लॉरेंस स्कूल सनावर, मंकी प्वाइंट, एयर फोर्स स्टेशन, शिर्डी साईं बाबा मंदिर कसोली में है।

सेन्ट्रल रिसर्च इंस्टीयूट में एन्टी रेबीज की वैक्सीन तैयार की जाती है। यह पंजाब के नजदीक पड़ता है इसलिए यहाँ पर पंजाब से काफी सँख्या में लोग घूमने आते हैं।

मण्डी

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मण्डी को हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी कहा जाता है। मण्डी शहर की स्थापना अजबर शेन ने 1527 में की थी। यहाँ पर प्रतिवर्ष शिवरात्रि का मेला लगता है।

श्यामाकाली मंदिर व भूतनाथ मंदिर मण्डी में स्थित हैं। सुंदरनगर, जंजैहली, अर्द्धनारीश्‍वर मंदिर, तत्ता पानी, बरोट, शिकारी देवी मंदिर, पराशर झील आदि यहाँ के दर्शनीय स्थल हैं।

नग्गर-

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यह कुल्लू जिले में स्थित है। यहाँ पर रोरिक कला संग्रहालय स्थित है। निकोलस रोरिक जिनका जन्म 1874 में रूस में हुआ था उन्होंने हिमालय पर 7000 चित्र बनाये। रोरिक कला संग्राहलय इन्ही के नाम पर पड़ा था।

रेणुका

यहाँ हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील है। यह स्थान सिरमौर जिले में स्थित है। ऊपर से देखने पर इस झील की आकृति एक औरत की तरह दिखती है। यहाँ पर एक छोटा चिड़ियाघर भी है जहाँ पर बन्य प्राणियों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं।

संक्षेपण

वैसे तो हिमाचल की हर जगह घूमने वाली है। कुछ स्थान तो ऐसे हैं जहाँ पर सैलानिओं की अभी तक नजर ही नहीं पड़ी है और हिमाचल सरकार द्वारा टूरिस्म को अच्छे से प्रोमोट नहीं किया गया है।

यहाँ पर कुछ सदियों पुराने मंदिर भी हैं जो कि ख़तम होने की कगार पर हैं। नारकण्डा, मशोबरा, नालडेरा, रिवाल्सर, चम्बा, मणिकर्ण हाटकोटी, चूड़धार, जवालामुखी मंदिर, बैजनाथ मंदिर और सुंदर नगर भी कुछ अन्य दर्शनीय स्थल हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं

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