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मेसोपोटामिया सभ्यता कहाँ बिकसित हुई। मेसोपोटामिया सभ्यता की विश्व को क्या देन हैं।

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मानव सभ्यता की कहानी में कुछ ऐसे स्थान हैं जहाँ से हमारी वर्तमान दुनिया की नींव रखी गई। मेसोपोटामिया, जिसका अर्थ ‘नदियों के बीच की भूमि’ है। मतलब साफ है – टिगरिस (Tigris) और यूफ्रेट्स (Euphrates) नदियों के बीच की भूमि, मेसोपोटामिया कहलाती है। इस समय ये दोनों नदियाँ तुर्की, सीरिया और इराक से होकर बहती हैं।

मेसोपोटामिया सभ्यता कहाँ बिकसित हुई। मेसोपोटामिया सभ्यता की विश्व को क्या देन हैं।

नोट :- अभी तक हड़प्पा सभ्यता की भाषा को पढ़ा नहीं जा सका है और न ही सभी स्थानों की पूरी तरह से खुदाई हुई है इसलिए अभी तक के ज्ञात स्त्रोतों के अनुसार मेसोपोटामिया सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता है और ये बात तब तक वैध है जब तक कोई नया तथ्य सामने नहीं आ जाता।

मेसोपोटामिया दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता

जिस प्रकार हड़प्पा सभ्यता कई क्षेत्रों में फैली थी उसी प्रकार मेसोपोटामिया भी कोई एक अकेला साम्राज्य नहीं था बल्कि उसमे उस समय के 4 क्षेत्र शामिल थे।

मेसोपोटामिया सभ्यता कहाँ बिकसित हुई। मेसोपोटामिया सभ्यता की विश्व को क्या देन हैं।

1 सुमेर (सबसे दक्षिणी क्षेत्र ) (लगभग 3500-2334 ईसा पूर्व)

ये अब दक्षिणी इराक में स्थित है जो आधुनिक बगदाद से लेकर फारस की खाड़ी तक फैला हुआ है। सुमेरियन सभ्यता अपने शहरीकरण और लेखन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध थी। ये प्रारंभिक लोग थे जिन्होंने शहरों और सामाजिक संरचनाओं का निर्माण करवाया। इन्होने ही ज़िगुरात जैसे बड़े धार्मिक ढाँचे बनाए।

नोट :- ज़िगुरात प्राचीन मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक, ईरान, कुवैत और सीरिया) में पाए जाने वाले एक प्रकार के विशाल, सीढ़ीदार मंदिर थे, जो पिरामिड के आकार के होते थे। ये मंदिर शहर के केंद्र में स्थित होते थे।

2 अक्कड़ (मध्य क्षेत्र ) (लगभग 2334-2154 ईसा पूर्व)

अक्कड़ शहर, जो अक्कादियन साम्राज्य की राजधानी थी इसे अभी तक पूरी तरह से खोजा नहीं जा सका है इतिहासकारों का मानना है कि ये बग़दाद के आस पास कही हो सकता है।

सरगोन महान ने सुमेरियन शहर-राज्यों को एकजुट किया और दुनिया का पहला साम्राज्य स्थापित किया। यह साम्राज्य बहुत थोड़े समय तक रहा। शायद यही कारण है कि इसको खोजा नहीं जा सका है।

3 बेबीलोनिया (लगभग 1894-1595 ईसा पूर्व)

बेबीलोन शहर, जो बेबीलोनिया की राजधानी था इस समय आधुनिक बगदाद से लगभग 85 किलोमीटर दक्षिण में, आधुनिक अल-हिल्ला (Al-Ḥillah), इराक के पास स्थित है। बेबीलोनिया अपनी भव्य वास्तुकला, विज्ञान और विशेष रूप से अपने शक्तिशाली शासकों के लिए जाना जाता था।

हम्मुराबी जैसे शासकों के अधीन बेबीलोन एक प्रमुख शक्ति बन गया। हम्मुराबी ने अपना प्रसिद्ध कानून संहिता (Code of Hammurabi) बनाया जो प्राचीन काल के सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेजों में से एक है।

4 असीरिया ( सबसे उत्तरी क्षेत्र) (लगभग 911-609 ईसा पूर्व)

ये इस समय उत्तरी इराक में स्थित है। इसके कुछ हिस्से आधुनिक सीरिया और तुर्की में भी पड़ते हैं। असीरियाई एक शक्तिशाली और युद्धप्रिय सभ्यता थी जिसने एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया था। असीरियाई लोग अपने शक्तिशाली सैन्य संगठन और क्रूर विजयों के लिए जाने जाते थे।

उन्होंने एक विशाल साम्राज्य बनाया जो मिस्र से फारस की खाड़ी तक फैला था। उन्होंने बड़े शहर और महल बनाए और उनके शासक अशुरबनिपाल ने एक विशाल पुस्तकालय का निर्माण भी करवाया।

मेसोपोटामिया सभ्यता का उदय

मेसोपोटामिया सभ्यता का उदय लगभग 3500 ईसा पूर्व में टिगरिस (Tigris) और यूफ्रेट्स नदियों के बीच की उपजाऊ भूमि में हुआ। यहाँ की मिटटी उपजाऊ थी और पानी की कोई कमी नहीं थी इसलिए यहाँ पर कृषि सम्भव हो पाई जिससे यहाँ पर आबादी बढ़ने लगी।

लोगों ने नदियों के पानी को खेतों तक पहुँचाने के लिए नहरों और सिंचाई प्रणालियों का विकास किया। जिससे यहाँ पर उरुक, उर, लगश जैसे बड़े शहरी केंद्रों का निर्माण हुआ। ये शहर अक्सर मंदिरों (ज़िगुरात) के आसपास ही विकसित हुए।

जैसे-जैसे समाज जटिल होता गया पुजारी, शासक, सैनिक, कारीगर और किसान जैसे विभिन्न वर्ग उभर कर सामने आए। जैसा कि सभ्यता के बिकास के साथ होता है सामाजिक व्यवस्थाएं जटिल होती जाती हैं।

मेसोपोटामिया सभ्यता कहाँ बिकसित हुई। मेसोपोटामिया सभ्यता की विश्व को क्या देन हैं।

मेसोपोटामिया की सभ्यता की विश्व को क्या देन हैं।

हम्मुराबी सबसे महान बेबीलोनियाई शासक थे जिन्होंने पूरे देश को एक ही साम्राज्य में एकजुट किया। हम्मुराबी ने अपने लोगों के लिए एक कानून संहिता दी। उनकी संहिता ‘आँख के बदले आँख’ और ‘दाँत के बदले दाँत’ जैसे कानून पर आधारित थी।

हित्ती लोग, जो एशिया माइनर (वर्तमान तुर्की) से आए थे और बेबीलोनियाई साम्राज्य को नष्ट कर दिया था। युद्ध रथों और लोहे के औजार बनाने के लिए घोड़ों का नियमित उपयोग करने वाले पहले लोग थे।

कुम्हार का चाक शायद सबसे पहले मेसोपोटामिया में इस्तेमाल किया गया था।

मेसोपोटामियाई लोगों को पहली बार कांच के बर्तन बनाने का श्रेय भी दिया जाता है।

सुमेरियन लोग लेखन की एक उचित प्रणाली विकसित करने वाले पहले थे। इस प्रणाली को क्यूनीफॉर्म कहा जाता है। क्यूनीफॉर्म लिपि का आविष्कार 3400 ईसा पूर्व में हुआ था। यह लिपि मिट्टी की गोलियों पर पाई जाती है। क्यूनीफॉर्म लिपि को हेनरी रॉलिंसन ने समझा था।

मेसोपोटामियाई गणना प्रणाली को सेक्सजेसिमल के रूप में जाना जाता है क्योंकि मेसोपोटामियाई लोग दस (दशमलव प्रणाली) के बजाय साठ-साठ करके गिनते थे।

उनकी सेक्सजेसिमल प्रणाली अब उपयोग में नहीं है लेकिन हम अभी भी इसे समय के विभाजन (मिनटों में साठ सेकंड और एक सर्कल में 360 डिग्री) के आधार के रूप में उपयोग करते हैं।

ज्यामिति में, मेसोपोटामियाई लोगों ने पाइथागोरस प्रमेय की खोज की थी।

ज्योतिषशास्त्र में, मेसोपोटामियाई लोगों ने आश्चर्यजनक प्रगति की। वे दिन और रात की लंबाई की गणना कर सकते थे। उन्होंने आकाश को 12 भागों में विभाजित किया, प्रत्येक को एक नाम दिया।

यह 12 राशियों या राशिचक्र के रूप में जाना जाता है जैसा कि हम उन्हें भारत में कहते हैं। मेसोपोटामियाई लोगों की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि चंद्र कैलेंडर का आविष्कार था।

इस्लाम का उदय और दुनिया में अरब सभ्यता का योगदान पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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