

कुंभ मेला 12 बर्षों में एक बार क्यों लगता है। कुंभ मेले का इतिहास
भारतीय दर्शन में कुम्भ का बहुत महत्त्व है। हमने घरों में अपने बड़ों को , अपनी किसी यात्रा के समय, घर की दहलीज पर कलश रखते देखा होगा। हिन्दू धर्म में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को शुरू करने से पहले कलश स्थापना का प्रचलन है। कोई भी मांगलिक कार्य इसके बिना अधूरा है। कलश या कुंभ घट का पर्यायवाची है और घट शरीर का। कुंभ माटी का बना होता है यानि नश्वर । इसलिए अपना