

राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत क्या है इनका इतिहास और अर्थ
जन-गण-मन गीत की रचना सबसे पहले रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली में की गई थी तथा इसके हिंदी संस्करण को संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी, 1950 को भारत के राष्ट्रीय गान के रूप में स्वीकार किया गया था। नोट :- रविंद्र नाथ टैगोर एक बंगाली कवि थे और 1905 में बांग्लादेश भी भारत के बंगाल का हिस्सा हुआ करता था इस प्रकार बांग्लादेश का राष्ट्रगान “आमार सोनार बांग्ला” अर्थात “मेरा सुनहरा बंगाल” भी रविंद्र नाथ टैगोर